मसल मेमोरी. - ट्रेंड मांसपेशियां दोबारा तेजी से होती हैं फिट
एक बार सीखने के बाद आप बाइक चलाना, क्रिकेट • खेलना या बैडमिंटन खेलना नहीं भूलते। बोलचाल की भाषा में इसे 'मसल मेमोरी' कहते हैं। क्या है मसल मेमोरी? कनाडा की मेमोरियल यूनिवर्सिटी में काइनेटिक्स एंड रिक्रिएशन के प्रोफेसर डेविड बेहम के अनुसार जब आप इन मूवमेंट को अच्छी तरह करना सीख जाते हैं और बिना विचारे ऑटोमैटिकली करने लगते हैं तो इसकी सूचना दिमाग में इनकोड हो जाती है। इससे भविष्य के लिए भी फंडामेंटल कोआर्डिनेशन बना रहता है। यही बात मांसपेशियों में भी लागू होती है। ये भी ट्रेनिंग के दौरान सूचनाओं को इनकोड करती हैं। यह कैसे तैयार होती है? अमेरिका की सैन डियागो यूनिवर्सिटी में शरीरक्रिया विज्ञानी फैबियों कोमाना के अनुसार जब व्यायाम करते हैं तो मांसपेशियों के टिशू को मामूली क्षति होती है। निष्क्रिय कोशिकाएं, जिन्हें सैटेलाइट कोशिकाएं भी कहा जाता है, चोट वाली जगह पर जाकर मांसपेशियों के टिशू में 'कोशिकाओं का दिमाग' कहे जाने वाले न्यूक्लि को भर देती हैं जो मांसपेशियों को मजबूत होने में मदद करता है। जब आप लंबी अवधि तक एक्सरसाइज नहीं करते हैं, तब भी ये न्यूक्लि उक्त स्थानों पर ...