वर्ल्ड साइकिल डे , फिटनेस का सफर साइकिल पर
कोई साइकिल से 18 किमी ऑफिस जा रहा तो किसी ने साइक्लिंग से घटाया 24 किलो वजन
साइक्लिंग और पर्यावरण के दोनों के लिए फायदेमंद है, लेकिन अब बदले हुए समय के साथ यंग प्रोफेशनल्स न इसे दैनिक जीवन का हिस्सा बना लिया है। यंगस्टर्स, रिटायर्ड अफसर और कामकाजी लोग अपने घर से वर्क प्लेस और बाजार साइक्लिंग करके जा रहे हैं।
रिटर्न गिफ्ट बना लाइफस्टाइल का हिस्सा
अरेरा कॉलोनी में रहने वाले पेशे से बिजनेसमैन शुभेद्र सिंह ने बताया कि रक्षाबंधन में हर भाई अपने बहन को गिफ्ट देता है, लेकिन यहां उनकी बहन ने रिटर्न गिफ्ट में साइकिल दी और कहा कि भैया आपका वजन बढ़ रहा है, आप साइकिलिंग करिए। दिसंबर 2019 से इसकी शुरूआत की थी जिसका सिलसिला अब भी जारी है। वे अपने घर से ऑफिस साइकिल से जाते हैं। इसके लगातार अभ्यास करने से उनका 24 किलोग्राम वजन भी कम हो गया है। अब साइकिल से न केवल ये अपने वर्कनेस बल्कि छोटी-मोटी शॉपिंग करने मार्केट साइकिल से जाते हैं।
सिटिंग जॉब वालों के लिए अधिक फायदेमंद है
गुलमोहर में रहने वाली टेक्नोक्रेट रक्षिता सिंह ने बताया कि वे जून 2017 से लगातार साइकिलिंग कर रहीं हैं। वे इन दिनों निजी कंपनी में जॉब करती हैं। उनकी सिटिंग जॉब है। ऐसे में बाँडी मूवमेंट नहीं हो पाता था। में उनके पति ने उन्हें आइडिया दिया। वे घर से ऑफिस साइकिल से जाती हैं। यह अब उनकी लाइफस्टाइल का हिस्सा है।
हफ्ते में तीन दिन साइकिल से घर से ऑफिस जाते हैं
एयरोसिटी निवासी पेशे से सीए नंदन नरूला इन्हे भोपाल में साइकिलिंग किंग और सुपर हीरो से जाना जाता है ,ने बताया कि उन्होंने बॉडी फिटनेस के लिए 2019 से साइकिलिंग शुरू की थी। जो अब डेली रूटीन का हिस्सा बन गया है। अब वे सप्ताह में दो से तीन दिन घर से ऑफिस एमपी नगर 18 किमी साइकिल से ही जा रहे हैं। इसे देखते हुए अब उनके कुछ साथी भी उन्हें फॉलों कर रहे हैं। यह फिटनेस के साथ पेट्रोल सेविंग का बेहतर विकल्प है।


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