Evening 27 Km Cycling and 2.7 Km Run 09 May 2022 Sunday
यह Sunday बहुत समय बाद यह साल बाद हुआ है सुबह नहीं दौड पाया , शनिवार को गाड़ी स्लिप होने से एक ऊँगली का नाखुन टूट गया था , और सूज भी गया था , मुझे यकीं था सुबह तक दर्द कम हो जायेगा , दर्द तो कम हुआ लेकिन हिम्मत नहीं हुई साईकल चलाने और की।
फिर शाम होगयी तीन बजे ही खाना खा लिया था , सोचा था शाम को दौडूँगा , शाम को भी हिम्मत नहीं हो रही थी , फिर रात के 8:30 बजे तो सोचा साईकल चला लेता हु और हुआ तो दौड लूँगा , अपनी गियर वाली साईकल उठायी और चलाने लगा , एक हाथ से ही ब्रेक लगा पा रहा था इसलिये धीरे चलायी , चलाते हुए भड़भड़ा तक ले गया लौट कर वापस आया।
अवधपुरी के बस स्टैंड पर साईकल लॉक की। साईकल चलाने से पसीना तो निकला नहीं इसलिये दौड़ना जरुरी था , यह बहुत महीने बाद है रात में दौड लगायी , 15 मिनिट में 2.7 Km दौड़ा , अच्छा पसीना आया , सांसे फूली , वर्कआउट में सांसे न फुले , पसीना न आये तो उतना मजा नहीं आता ,शरीर में दर्द न हो तो लगता है आज का दिन अधूरा है इसलिए पसीना आना जरुरी ही , यह सब दिमाग असर डालता है , जीवन में पोसिटिविटी बढ़ती है ,
रात में बहुत समय बाद दौड़ा , रात में भी दौड़ना अच्छा होता है , बस समय पर खाना खा ले , और liquid ज्यादा लेना चाहिए



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