आज दस किलोमीटर पुरा नहीं कर पाया , देर से दौड़ना शरू किया था और हलकी कमजोरी भी थी , दौड़ने का मन नहीं था , लेकिन पता था नहीं दौडूंगा तो दिन ख़राब हो जायेगा , नींद नहीं आयेगी। 8:31 पर दौड़ना शरू किया ,तेज दौड़ने की कोशिश की , लेकिन शरू के 4 Km तक तो 5.3/ Km की pace बहुत ही मुश्किल से maintain कर पाया , धुप ज्यादा तेज थी और कमजोरी भी लग रही थी , और आगे जाने की हिम्मत नहीं हुई वापस लौट लिया , आजकल मजा तेज दौड़ने में ही आता , सांसे फूलती ही , सर चकराता है , यह सब एक नशे जैसा ही है। पहले जब दौड़ना शरू किया था तो 7 /Km के pace मेभी मजा आ जाता था , लेकिन जैसे जैसे समय बीतता है कुछ नया करने सिखने को छिया रहता है , तो तेज दौड़ने की कोशिश करता रहता हु। जयादा दौड़ना संभव नहीं हो पाता क्युकी साईकल चला कर आता हु और वापस भी जाना रहता है , और धीरे धीरे ज्यादा दौड़ने से कोई लाभ भी नहीं महसुस होता। 15 minute भी तेज दौड़ लो या रुक रुक कर दौड लो एक अलग ही आनंद आता है। वैसे तो यह सब एक सपने जैसा ही है , 7 / Km के pace पर था तब लगता था की 42 की उम्र में अब इससे ज्यादा त...