कम्फर्ट फूड से हार्ट अटैक का खतरा 33% तक ज्यादा, फल सब्जियां रिस्क घटाती हैं

दिल की सेहत . चिप्स, कुकीज जैसे कम्फर्ट फूड मेटाबॉलिज्म बिगाड़ते हैं 

चिप्स, फ्रेंच फ्राइज, कैंडी, आइसक्रीम, चॉकलेट, कोक और सोडा जैसी हाई कार्बोहाइड्रेट, शुगर और फैटी एसिड वाली चीजों को कम्फर्ट फूड कहा जाता है। फैटी एसिड दिमाग के उन हिस्सों को सीधे प्रभावित करता है जो हमारे मूड और भावनाओं को नियंत्रित करते हैं। ये तेजी से पच जाते हैं और शरीर में ग्लूकोज के रूप में एकत्रित हो जाते हैं, जिससे ब्लड शुगर और इंसुलिन का स्तर शरीर में बढ़ने लगता है। 'खराबी यह है कि इन्हें ज्यादा खाने पर भी भूख मिटने का अहसास देरी से होती है। मेटाबॉलिक हेल्थ बुरी तरह प्रभावित होती है। इससे हृदय रोगों का खतरा लगभग 33% तक बढ़ जाता है। ऐसे में खानपान और लाइफस्टाइल में बदलाव कर दिल को होने वाली समस्याओं से बचाया जा सकता है। जो लोग रोज लगभग 800-900 ग्राम फल और सब्जियां खाते हैं उनमें हार्ट अटैक का खतरा लगभग 30% तक कम होता है।

 

'कम्फर्ट फूड कैसे नुकसान पहुंचाते हैं ?

 
इनको बनाने में ग्लूकोज को छोटे स्टार्च कणों में तोड़ दिया जाता है. जो तेजी से पचते हैं। उनकी सतह का. क्षेत्रफल बढ़ जाता है जो पाचन तंत्र के माध्यम से इनसे मिलने वाले तत्वों को हमारे रक्त में घुलने की प्रक्रिया को बढ़ा देते हैं। 

'कम्फर्ट फूड से जुड़े नुकसान को ऐसे समझिए

" सोडाः एक सामान्य सोडा बोतल में लगभग 10 चम्मच चीनी के बराकर शुगर होती है। यह व्यक्ति की शुगर की दिन भर की जरूरत का लगभग दो गुना है। अधिक शुगर मोटापा बढ़ाती है। मोटापा हार्ट अटैक का सबसे बड़ा कारण है। 

आइसक्रीम ः आइसक्रीम में अधिक मात्रा में शुगर, कैलोरीज, सैचुरेटेड फैट होता है। अधिक फैट और शुगर शरीर में ट्राइग्लिसराइड की मात्रा बढ़ाते हैं। अधिक ट्राइग्लिसराइड धमनियों की परत को मोटा कर देते हैं। इससे शरीर में रक्त प्रवाह प्रभावित होता है। हार्ट अटैक की आशंका बढ़ने लगती है।

 पिज्जाः पिज्जा में उपयोग की गई चीज और ड्रेसिंग ट्रांस फैट होता है। ट्रांस फैट शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल बढ़ाता है। यह कोलेस्ट्रॉल धमनियों में प्लैक के रूप में जमा होता है, जिससे ब्लॉकेज की आशंका बढ़ती है। इससे हार्ट अटैक होता है।

आलू चिप्सः चिप्स में बड़ी मात्रा में स्टार्च पाया जाता है। ये स्टार्ची फूड ब्लड शुगर बढ़ाते हैं। बढ़ा हुआ ब्लड शुगर शरीर में इंफ्लामेशन बढ़ाता है। समय के साथ शरीर में लंबे समय तक इंफ्लामेशन बने रहने के कारण हृदय की कार्यप्रणाली प्रभावित होने लगती है, जिससे इसे नुकसान पहुंचता है। 

ये दो उपाय कारगर

फल और सब्जियों को • भोजन में शामिल करें. 

बीन्स, साबुत अनाज, नट्स, पत्तेदार सब्जियां और फल को स्लो कार्ब्स कहते हैं। ये ग्लूकोज को शरीर में धीरे-धीरे रिलीज करते हैं। यही नहीं ये GLP-1 नाम का हार्मोन रिलीज करते हैं जो शरीर को बताता है कि हमने खाना खा लिया है और हमें संतुष्टि का अहसास होने लगता है जबकि फास्ट कार्ब्स में ऐसा नहीं होता। 

एक्सरसाइज को बनाएं रूटीन का हिस्सा

अमेरिका के डिपार्टमेंट ऑफ हेल्थ एंड • ह्यूमन सर्विस के अनुसार सेहतमंद रहने के लिए सप्ताह में कम से कम 150 मिनट मध्यम गति की अथवा 75 मिनट तेज गति की एक्सरसाइज जरूरी है। इसके तहत दौड़ना, टहलना, साइकिलिंग को शामिल कर सकते हैं या सप्ताह में दो दिन स्ट्रेंथ ट्रेनिंग की जा सकती है। स्ट्रेंथ ट्रेनिंग हृदय की मांसपेशियों को तेजी से मजबूत बनाती है।


 


 

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