इस हफ्ते सन्डे के बाद एक दिन ही दौड पाया , कमजोरी लग रही है
शायद दाँत में दर्द के कारण इस हफ्ते कमजोरी रही , वैसे जब से तेज दौड़ने की प्रैक्टिस कर रहा है तभी से एक दिन छोड़कर ही दौड पाता हु , और नींद भी सुबह ज्यादा आती है , पहले ऐसा नहीं होता था , नींद अपने आप 3 से 5 के बिच में खुल जाती थी , अब नींद खुल जाती है लेकिन फिर भी मानसिक दबाव बना रहता है जिससे थकन महसूस होती है , समय के साथ जिम्मेदारी बढ़ती है, खर्च बढ़ जाते है तो दिमाग ज्यादातर कमाई वाले काम करने की कोशिश करता है , इससे ज्यादा फायदा तो नहीं होता लेकिन कोई ऐसी घटना घट जाये जिससे ज्यादा खुशी मिले जैसे कुछ ज्यादा तेज दौड लू , किसी अनजान से अच्छी बात हो जाये , या टारगेट achive कर लू , तो दिमाग को अच्छा फील होता है और थकन भी कम होती है।
तेज दौड़ने से , ज्यादा पेट की excercise करने से महसुस कर रहा हु की पेट कम हो रहा है , कट्स भी आने लगे है लग रहा है की सिक्स पैक एब्स शायद बन जाये 😊. यही मोटिवेशन रहता है की वर्कआउट कर लिया जाये।
शरीर के साथ दिमाग को भी फिट रखने के लिए , कुश नया करना पड़ता है, जैसे की इस वक़्त ब्लॉग लिख रहा है अच्छा लग रहा है , कल एक एप्प बेचना सीखा उसका वीडियो बनाया , मतलब दिमाग का इस्तमाल कुछ नया सिखने के लिए जिससे कमाई बढे ,पुराने तरीके से करते करते बोर हो जाता हु।
कल संडे है साईकल भी चलना है , दौड़ना भी है , स्टैमिना की जरुरत रहती है, दौड़ने और साईकल चलाने से थक जाता हु और चार घंटे में रिकवर हो पाता हु तो बहुत अच्छा लगने लगता है , बीएस यही कारण है कुछ भी करके संडे की दौड मिस नहीं करता
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