Late Night Dinner not goodfor health, देर रात डिनर ! ये खतरे जान लीजिए
साइंस ऑफ फूड: अगर रात को खाना खा रहे हैं तो कार्बोहाइड्रेट्स की मात्रा कम कर दीजिए
• रात का खाना सोने से 3 घंटे पहले और आखिरी स्नैक्स 90 मिनट पहले खा लेना चाहिए
सही समय पर भोजन शरीर के लिए जितना फायदेमंद है, गलत समय पर भोजन करना उतना ही नुकसानदायक । खासकर देर रात भोजन करने से शरीर में कई बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। दिन में जब सही समय पर भोजन किया जाता है तो शरीर भोजन को तेजी से पचाता है। ऐसे में फैट, लिपिड और कोलेस्ट्रॉल आदि को लिवर, मांसपेशियां और अन्य टिस् आसानी से अवशोषित कर लेते हैं। यूएस न्यूज एंड वर्ल्ड रिपोर्ट में प्रकाशित एक शोध के अनुसार रात का खाना सोने से 3 घंटे पहले और आखिरी स्नैक्स 90 मिनट पहले खा लेना चाहिए। तभी वह सही तरह से पच पाता है। जानिए देर रात खाना खाने के ख़तरों के बारे में...।
मोटापा सबसे बड़ा खतरा
नॉर्थ वेस्टर्न यूनिवर्सिटी के अनुसार सोने के समय पर खाना खाने से मोटापे का खतरा बढ़ता है। इससे शरीर में लंबे समय तक अतिरिक्त कैलोरी एकत्रित रहती हैं। जो फैट के रूप में जमा हो जाती है।
ब्लडप्रेशर, डायबिटीज़, हृदय रोग
यूनिवर्सिटी ऑफ पेन्सिलवेनिया के अनुसार, रात को खाना हाई बीपी, डायबिटीज का खतरा बढ़ा सकता है। इससे ग्लूकोज बढ़ता है। यह खून में एक विशेष फैट को बढ़ाता है, जिससे हृदय रोग का खतरा होता है।
याददाश्त पर असर
यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया लॉस एंजलिस के वैज्ञानिकों द्वारा चूहों पर किए गए शोध में पाया गया कि जिन चूहों को सोने के समय भोजन कराया गया उनकी याददाश्त और सीखने की क्षमता प्रभावित हुई। इन चूहों में याददाश्त बनाने वाले अणु प्रभावित हुए।
शरीर को नुकसान : रात 11 बजे के बाद खाना यानी तेज़ी से वेट गेन
एक जैसी डाइट और एक्सरसाइज प्लान फॉलो किया जाए तो देर रात खाना खाने वाले लोग सिर्फ 8% वजन कम कर पाते है। वहीं समय पर खाना खाने वाले लोग 12% वजन घटा लेते हैं।
ईटिंग डिसऑर्डर, खाने की आदत बिगड़ जाती है।
देर रात खाने से गैरपोषक तत्वों वाले भोजन ग्रहण करने की संभावना बढ़ जाती है। दरअसल ऐसा थका हुआ होने के कारण होता है। थके होने से व्यक्ति जल्दी पेट भरने वाले भोजन का चुनाव करता है।
पाचन संबंधी दिक्कतें, पोषण नहीं मिलता
रात के समय शारीरिक गतिविधियां कम होने से मेटाबॉलिज्म धीमा होता है। शरीर को भोजन पचाने में समस्या होती है। इससे शरीर को सही न्यूट्रिशन नहीं मिल पाते और बीमारियों का खतरा बढ़ता है।
अलर्ट: कहीं आप ईटिंग डिसऑर्डर का शिकार तो नहीं बन रहे हैं?
1) नाइट इंटिंग सिन्ड्रोम
यानी डिनर के बाद भी दिनभर की कुल कैलोरी का एक चौथाई हिस्सा खाने के रूप में लेना। इस स्थिति में सुबह भूख कम लगती है। लगता है कि नींद के लिए कुछ खाना जरूरी है।
2) बिंज ईटिंग डिसऑर्डर
यानी कम समय में ज्यादा खा लेना, वो भी लगातार भूख ना होने के बावजूद खाते रहना। मोटापे के शिकार 50% लोगों में यह डिसऑर्डर है
खतरे से बचने के लिए क्या करें?
1) लगातार इंटरवल्स में खाते रहें जो लोग दिन में तीन या इससे अधिक बार खाते हैं, वे अधिकत देर रात डिनर नहीं करते। अगर आप लंबे अंतराल के बाद खाएंगे तो निश्चित तौर पर ज्यादा खाएंगे।
2) मसालेदार और जंक फूड रात को बिल्कुल ना खाएं बहुत जरूरी है तो एक कप दूध, ओट्स या उबली सब्जियां लें। इससे पोषण भी मिलेगा।

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