भोजन का सही तरीक़ा जानते हैं?
आजकल के तौर-तरीक़ों में हम भोजन भूख के मुताबिक तय करते हैं। अगर सुबह के वक़्त भूख महसूस हो रही है तो पेट भरकर नाश्ता खाएंगे और अगर भूख नहीं है तो फिर सीधा दोपहर का भोजन करेंगे। वहीं अगर स्वाद पसंद आ गया तो भूख से अधिक भी खा लेते हैं। किंतु इसका सीधा असर हमारे स्वास्थ्य पर पड़ता है। भोजन करने का एक सही तरीका और नियम होता है।
अंतराल मायने रखता है
सुबह के वक़्त नाश्ता नहीं करने से कई तरह की शारीरिक कमजोरियां आनी शुरू हो जाती है। इसलिए सुबह 7-8 बजे के बीच नाश्ता जरूर करें। इसके 4-5 घंटे बाद दोपहर का भोजन करना चाहिए। अगर किसी कारणवश लंच करने का वक़्त नहीं मिल रहा हो तो पौष्टिक तरल आहार जरूर ले लें। रात का भोजन सोने के दो घंटे पहले करें। इसके बाद 20 मिनट तक अवश्य टहलें।
थोड़ा-थोड़ा कई बार खाएं
थोड़ा-थोड़ा खाने से शरीर में फैट बर्न होने की क्षमता तेज होगी और चयापचय शक्ति मजबूत होगी। ब्लड शुगर नियंत्रित रहेगी। शरीर में ऊर्जा बनी रहेगी। इसके लिए दिन में 3 बार भारी भोजन खाने के बजाय तीन-चार बार के दौर में थोड़ा-थोड़ा खाएं। मिसाल के तौर पर सुबह अच्छा नाश्ता करने के बाद दोपहर के खाने में दो रोटी खाए, फिर कुछ-कुछ घंटों के अंतराल में हल्के स्नैक्स जैसे चना, मूंगफली आदि खाएं।
इस तरह बांटें आहार
कहा जाता है कि नाश्ता राजा की तरह करना चाहिए, दोपहर का भोजन राजकुमार की तरह करें और रात का भोजन भिखारी की तरह। सुबह का नाश्ता भरपेट खाना चाहिए। दोपहर का भोजन उससे कम मात्रा में किया जाता है। रात्रि भोजन बहुत हल्का और सुपाच्य होना चाहिए जैसे खिचड़ी
सही आहार से दिन की शुरूआत
• खाली पेट गुनगुना पानी पीकर दिन की शुरुआत करें।
.. सुबह सेब, संतरा, पपीता, तरबूज खाएं।
• नाश्ते में मुख्य रूप से इडली, दाल या बेसन का चीला, पोहे या उपमा. पनीर, अंकुरित अनाज और भीगा हुआ बादाम आदि शामिल करें। साथ में दही, दूध, छाछ या जूस भी ले सकते हैं। नमकीन दलिया, घी लगी रोटी, उबला हुआ अंडा और ओट्स भी ले सकते हैं।
• दोपहर में रोटी, दाल, हरी सब्जियां, ताजा दही या छाछ और सलाद ले सकते हैं।
• दिन के भोजन में ताबा दही और खाल लेना लाभकारी होगा। भोजन करने के एक घंटे बाद पानी पीना उत्तम है।
रात के भोजन में हरी सब्जियों के साथ दाल और चपाती ले सकते हैं।


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