Walking Running Cycling 13 Km with Friends and Kids at van vihar bhopal
आज अपने दो दोस्त विपिन और शैलेन्द्र और बच्चो के साथ वनविहार में साइकिलिंग का प्लान था , सुबह में अपनी बेटी के साथ 9 बजे तक पहुँच गया , वहाँ विपिन पहले ही आ गया था , commitment का पक्का और नया सकारात्मक करने के लिये तैयार रहता है , फिर हमने टिकिट ली और अंदर दो साइकिल किराये पर ली टिकिट की कीमत बीस और साइकिल का किराया दस है , मुझे तो दौड़ने में ही मजा आता है ,तो विपिन और बच्ची साइकिल चला रहे थे में दौड रहा था हलकी ठंड थी लेकिन दौड़ने से पसीना तुरंत ही आ गया , बाते करते हुए दौड़ने का मजा ही अलग है , फिर शैलेन्द्र भी अपने बच्चो के साथ गेट पर आ गया ,हम वापस गेट पर लौटे , उन्होंने भी टिकिट ली , विपिन ने दौड़ने का decide किया दो
छोटे बच्चे को साइकिल के करियर पर दो बड़े बच्चो ने बिठाया , फिर बच्चो की टीम आगे बढ़ गयी , वहाँ गार्ड रहते है सुरक्षित जगह है , वो शेर ,जानवरो को रुककर देख रहे थे , में विपिन के साथ धीरे धीरे दौड रहा था , शैलेन्द्र साइकिल पर था , दौड़ने से विपिन को भी अच्छालग रहा था , पसीना आ जाये तो मजा आ जाता है , हम तितली पार्क तक पहुंचे वहा चिप्स खाया बच्चो को खिलाया लगभग तीन km था , बच्चे थक गये थे , और विपिन बहुत सालो बाद दौड़ रहा था तो रेस्ट जरुरी था , पानी भी पिया , बच्चे खेल क्र बहुत एन्जोर कर रहे थे , और हमभी , वही से वापस लौटे , गेट पर पहुँच कर सभी ने एलेक्ट्रोल नींबु पानी पिया , केले , अमरुद जो घर ले लेकर आया था सभी ने खाये , चॉकलेट , बादाम खजुर साथ में लाया था वो भी खाया , वहाँ के गार्ड को हमेशा की तरह चॉकलेट दी , फोटो लिये आधा घंटा रेस्ट किया बाते की , और वहा से 12 बजे तक घर के लिये रवाना हो
गये , यदि हम दौड ,साइकिल चला सकते है तो हमारे लिये हर संडे एक पिकनिक की तरह है वो भी बाउट कम बजट में।
बच्चो को हस्ते हुए देखना , हसना दौड़ना , खेलना , अच्छा खाना , सोचना , करना और क्या चाहिये जिंदगी में
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