दोड़ने से lifestyle disease को ठीक कर सकते है , How Running cure all lifestyle disease
और
इसके अलावा २ साल का कब्ज , 20 साल पुराना कमर दर्द ,जोड़ो में दर्द , समय
ऐसा आ गया था 500 mtr चलना भी मुश्किल हो गया था , ज़िन्दिंगा झड़ सी हो गयी
थी। आज परिस्थिति वही है ,लोग भी ,जगह भी वही है लेकिन अब दर्द में भी
ख़ुशी ढूंढ लेता हू
आप बोलोगे क्यों मजाक कर रहा है , लेकिन भाइयो यही सच है
यह सच इतनी आसानी ने नहीं हुआ , बहुत मेहनत , अपने आप पर और अपने से जुड़े लोगो पर विश्वास करने से हुआ है
सच तो यह है प्रकृति हमे निरंतर बदल रही है , बाल सफ़ेद हो रहे है ,हड्डिया कमजोर ,पेट फूल रहा है ,
रोज
हमारे शरीर में लाखो cells मरते है नये पैदा होते , हमारे अंदर इतने सारे
chemical reaction होते रहते है हमें पता ही नहीं चलता
मतलब ईश्वर की बनाई हुई हर चीज बदलती रहती है , लिकिन जो नहीं बदलता इंसान के बनाये हुए विचार
हमारे
लिए सच यह है की हम सिर्फ विचारो के ही बने है , और हम जब हम परिस्थिति के
हिसाब से विचार बदलने की practice करेने तब हमारी परिस्थिति भी बदल जाएगी
आप बोलेंगे क्यों फिरकी ले रहा है ,
ठीक
है तो समझाता हु करना क्या पड़ेगा , सबसे पहले हमें इस सिचोलोजिकल trap से
अपने आप को निकलना होगा की मेरे पास समय ही नहीं है कसरत करेने का दौड़ने का
, हमें बार बार youtube में दौड़ने के फायदे ,सुबह चलने के फायदों के बारे
में सुंनना होगा
Running Walking Benefits Link -
https://youtube.com/playlist?list=PLkoxaPS7bduS7pl7PwE2o8nxA2yy3YWWG
और जब हम ऐसा करते है तब धीरे धीरे हमारे विचार बदलना शुरू होते है , यही से शुरुआत होती है प्रकृति से या ईश्वर से अपने आप को
जोड़ने की , क्योकि ईश्वर हमें लगातार बदल रहा है , लेकिन हम चाहते है की वह सकारात्मक हो उसके लिए हमे सुबह उठना जरुरी है ,
और हमारी सोच की रात को में लेट सोया हु सुबह कैसे उठूंगा इसको बदलना होगा , हमे "सुबह उठने के फायदों "
के वीडियो देखने होंगे सुबह उठते ही हमे अपने लिए , दुसरो के लिए कुछ अच्छा
बोलना चाहिए , positive affirmation के वीडियो देखने चाहिए
Morning affirmation link -
https://youtube.com/playlist?list=PLkoxaPS7bduS7QhVuXj3vzaF1BYSm1_0-
Night affirmation लिंक -
https://youtube.com/playlist?list=PLkoxaPS7bduQdj29biUeg2Q89tSVY1qcR
अपने
आप को और सभी को माफ़ करना चाहिए , ऐसा करने के लिये सुबह की धुप में चलना
दोड़ना ,साइकिल चलना जरुरी ऐसा करने से प्रकृति या ईश्वर हमारे अंदर जो
chemical ,physical बदलाव करता है वो सकारात्मक होता है और रोग प्रतिरोधक
क्षमता बढ़ती है , जब हम ऐसा करते
तो हम ईश्वर के बनाये शरीर का ध्यान
रखते है , नकारत्मक सोच को लगातार अपने आप को बोल कर की इतना तो चलता है
कुछ नहीं होता में इस परिस्थिति में भी जिन्दा हु , और एक दिन सब ठीक कर
दूंगा , तब नये cells जो बनेगे वो positive होंगे , और ऐसा लगातार प्रयास
करने से साल भर में हम रोग मुक्त हो जायेंगे।
देखो भाई यह कहना
आसान है लेकिन अपने विचारो को बदलना बहुत मुश्किल , यदि हम लगातार अपने आप
से रोज बोले मुझे सुबह उठना है दौड़ना है , रात में भी यही बोलते हुए सोए
तब यक़ीनन हम एक दिन दौड़ने लगेंगे , मुझे 6 महीने लगे हो सकता है आपको तीन
महीने या एक साल लग जाये और यह उतना ही आसान है जितना की ईश्वर को
मूर्तियों में या पत्थर में या नदी में देखना , बस हमे अपने आप में या
दूसरे इंसानो में देखना होगा
आप आप कहेंगे क्या बात कर रहे हो ,
लोग तो दौड़ने से मर जाते है , देखो भाई कोई भी चीज limit में करनी है , कोई
कम्पटीशन नहीं है खाने का , पानी पीने का , Electrol भी होना चाहिये , कम
दौड़ो या ज्यादा शरीर का धयान रखते हुए दौड़ना चाहिये , नहीं बन रहा है तो
चल लो rest कर लो , खाने का धयान रखो , फल ,जूस लेते रहो , और जब ऐसा
करेंगे तो अच्छी बाते होगी ,सच्चे लोग और सही रास्ते दिखाई देंगे और धीरे
धीरे lifestyle disease lifestyle improve करेने से ख़त्म हो जाएगी
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