दौड़ने से या साथ में exercise करने से लव हार्मोन बनते है
दौड़ने से या साथ में exercise करने से लव हार्मोन बनते है, यदि हम अपने आप पर ध्यान दे की जिनसे भी हम प्यार करते है , उनसे बात करना चाहते है ,और यदि हम 40 साल के है या समज़दार है तो हम वही बात करेंगे जो अख़बार में छपी होगी या फिर दुसरो के जीवन की परेशानी की बात कर अपने आप को compare करेंगे यदि वो हमसे ज्यादा परेशान होगा तो यह सोच कर खुश होंगे की हम उनसे बेहतर है , और यदि वो ज्यादा खुश होगा तो अपने आप की कोसेंगे। और अंत में किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंच पाएंगे क्योगी हम इतने समर्थ नहीं होते की दुसरो की मदद कर सके , तो जीवन को बेहतर बनाने के लिए नये हार्मोन बनाना जरुरी है ,वो सिर्फ बातो से नहीं बनते action जरुरी है , इसलिये यदि हम बात करने की बजाये कुस्च एक्टिविटी करे जैसे की साइकिल चलाना ,चलना बिना बात किये , दौड़ना ,कोई गेम्स खेलना तब हम थक जाते है , हम जो दिन भर खाते है वो पचता है ,और शरीर में को अच्छा महसूस होता तब जो हार्मोन बनते है वो हमे खुशी देते है ,जो सिर्फ बात करने ,पिक्चर देखने या किसी भी और discussion ने नहीं हो पता , मेरी बीएस यही सलाह है , रोज शरीर में positive action जरुरी है , खुश रहने के लिये
Comments
Post a Comment